सराईकेला, जुलाई 6 -- Saraikela News: सरायकेला। सरायकेला की विश्व प्रसिद्ध माटी की खुशबू छऊ को मिटने से बचाने के लिए स्थानीय कलाकारों और गुरुओं ने एक बार फिर बीड़ा उठाया है। दो साल तक पूरी तरह से बंद पड़े छऊ प्रशिक्षण को कलाकारों ने बिना किसी वेतन के अपने बलबूते दोबारा शुरू कर दिया है, ताकि इस समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को आने वाली पीढ़ी को सौंपा जा सके। लंबे संघर्ष के बावजूद सरकार द्वारा अब तक एक निदेशक का पद नहीं भरा गया है। प्रशासनिक उदासीनता के इस आलम के बीच, राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के कलाकारों ने सिर्फ अपनी विरासत को बचाने के लिए रात-दिन एक कर दिए। यह भी पढ़ें- बिना वेतन फिर शुरू हुआ राजकीय छऊ प्रशिक्षण, कलाकारों ने संभाली विरासत बचाने की जिम्मेदारी इसी का परिणाम था कि तमाम अभावों के बावजूद बीते अप्रैल महीने में छऊ महोत्सव का सफल आयोजन ...