सराईकेला, अगस्त 22 -- Saraikela News: सरायकेला। सदियों की साधना, परंपरा और पुरोधाओं के समर्पण से विकसित हुई छऊ कला केवल नृत्य की विधा नहीं बल्कि सरायकेला की सामाजिक और सांस्कृतिक आत्मा का हिस्सा है। छऊ नृत्य को संवारने के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है। पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी छऊ परियोजना को पुनः चालू करने की दिशा में कवायद तेज कर दी गई है। इस परियोजना के दोबारा शुरू होने से प्रत्यक्ष रूप से क्षेत्र के 200 कलाकारों को रोजगार का अवसर मिलेगा। राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के सचिव सह एसडीओ अनुभव प्रकाश ने इस परियोजना पर सकारात्मक अनुशंसा दर्ज कर फाइल को अनुमोदन के लिए डीसी को भेज दिया। वहीं, डीसी नीतीश कुमार सिंह इसे अंतिम रूप देकर स्वीकृति के लिए कला संस्कृति विभाग भेजने की तैयारी में हैं। इस परियोजना के तहत छऊ की तीनों शैलियों को विकसित कर...