संतकबीरनगर, अक्टूबर 30 -- Santkabir Nagar News: संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में मिलावटी कारोबार पर अंकुश न लगने की सबसे बड़ी बाधा जांच प्रयोगशाला का न होना है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा संकलित किए जाने वाले नमूनों को जांच के लिए लखनऊ और वाराणसी भेजा जाता है। कुछ नमूने गोरखपुर की लैब में भेजे जाते हैं। वहां से रिपोर्ट आने में तीन से छह माह का समय लग जाता है। तब तक मिलावटखोर अपना पूरा माल बेचकर मुनाफा कमा चुके होते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार विभाग के पास जिले में नमूनों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। टीम जब भी किसी दुकान से दूध, पनीर, मावा, तेल या मसाले का नमूना लेती है, तो उसे राजकीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला लखनऊ या फिर दूसरी प्रदेश स्तरीय प्रयोगशाला में भेजा जाता है। कभी-कभी वाराणसी की लैब में भी नम...