नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- Santan saptami vrat katha: भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को संतान सप्तमी व्रत किया जाता है। यह व्रत करने वाले व्यक्ति को संतान सुख मिलता है और समस्त पापों का नाश होता है। इस व्रत के पुण्य प्रभाव से संतान दीर्घायु होती है और संकटों से मुक्ति मिलती है। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। संतान सप्तमी का व्रत कथा के बिना अधूरा माना जाता है। कहा जाता है कि व्रत करने वाले हर व्यक्ति को व्रत कथा पढ़ना या श्रवण अवश्य करना चाहिए। यहां पढ़ें संतान सप्तमी व्रत की पौराणिक कहानी। यह भी पढ़ें- 2 दिन बाद से 8 राशियों को धन लाभ के संकेत, धनु राशि में आ रहे चंद्रमासंतान सप्तमी व्रत की कथा: एक दिन महाराज युधिष्ठिर ने भगवान से कहा- हे प्रभु! कोई ऐसा उत्तम व्रत बताएं जिसके प्रभाव से मनुष्य के सांसा...