संभल, जुलाई 31 -- Sambhal News: अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुमित कुमार रस्तोगी ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर परंपरागत परिक्रमा मार्ग में किसी भी तरह के बदलाव पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही 24 कोसीय परिक्रमा की दूरी लगभग 77 किलोमीटर मानी जाती है। जबकि इसे घटाकर करीब 50 किलोमीटर किए जाने की चर्चा है। उनका आरोप है कि यदि ऐसा हुआ तो पिशाच मोचन तीर्थ और महर्षि दधीचि की समाधि जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पौराणिक स्थल परिक्रमा मार्ग से बाहर हो जाएंगे। जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि जब सरकार संभल को कल्कि नगरी के रूप में विकसित करने की बात कर रही है। तब उसकी सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा से छेड़छाड़ उचित नहीं होगी। आरोप लग...