संभल, अगस्त 11 -- Sambhal News: आजादी की लड़ाई में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ मोर्चा लेने वाले संभल के अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अब इतिहास के पन्नों से ओझल होते जा रहे हैं। उनकी मौजूदगी का एहसास आज भी ब्लॉक मुख्यालयों पर लगे शिलालेख कराते हैं, जिन पर उनके नाम दर्ज हैं। मगर इन नामों के पीछे छिपी संघर्ष, गिरफ्तारी, जेल यात्रा और त्याग की गाथा धीरे-धीरे गुम होती जा रही है। नतीजा यह है कि नई पीढ़ी के लिए अपने ही क्षेत्र के इन वीरों की पहचान महज कुछ नामों तक सिमटकर रह गई है। पत्थर पर नाम बाकी, इतिहास बताने वाला कोई नहीं यह भी पढ़ें- Muzaffarnagar News: 1942 में मुजफ्फरनगर में गूंजी थी 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' की आवाजसंभल और शिलालेख संभल, असमोली, पवांसा समेत कई ब्लॉक मुख्यालयों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की याद में शिलालेख लगाए गए हैं। इ...