सहरसा, अक्टूबर 9 -- Saharsa News: सहरसा, हिटी। सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में महालया का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या के साथ महालया अमावस्या भी कहा जाता है। पितृपक्ष के समापन का यह दिन पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। वहीं, अनेक परंपराओं में इसी दिन से देवी आराधना और मां दुर्गा के स्वागत का वातावरण बनने लगता है। आचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि 2026 में महालया अमावस्या 10 अक्टूबर, शनिवार को होगी। इस दिन श्रद्धालु अपने ज्ञात-अज्ञात पितरों का स्मरण कर परिवार की परंपरा के अनुसार तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान और दान-पुण्य करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार महालया अमावस्या पर पितरों को विधिवत विदाई दी जाती है, इसलिए सर्वपितृ अमावस्या क...