सहरसा, अगस्त 9 -- Saharsa News: सहरसा, हिन्दुस्तान टीम। एनएच, एसएच सड़कों की तरह ही जिले में तटबंध पर हरियाली नहीं दिख रही है। तटबंध किनारे अगर देशी चौड़े पत्ती वाले पौधे दूरी पर लगे होते तो पानी का रिसाव रोकने और जल तापमान बनाए रखने में मददگار साबित होता। इससे मिलने वाली छाया मछलियों के लिए उपयुक्त जल तापमान बनाए रखने में मदद करती और मिश्रित पत्तों का ढेर जीवों को भोजन का स्त्रोत प्रदान करता। पौधरोपण से प्राकृतिक बाढ़ प्रबंधन और जल गुणवत्ता दोनों मामले में फायदे होता। हालांकि, पौधरोपण से खरपतवार जैसी समस्या आती, जिसके समाधान के लिए नियमित रूप से इसका निगरानी रखना होता। साथ ही वन्य जीवों के कारण आद्रभूमि में पौधरोपण नहीं करने की बात को ध्यान में रखना होता। यह भी पढ़ें- पटना का प्लान : पिछले एक दशक में लगे लाखों पौधे, पर छह फीसदी से आगे नहीं ...