सहरसा, अक्टूबर 17 -- Saharsa News: सहरसा, नगर संवाददाता। दुर्गा पूजा और दशहरा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा, आस्था और सामाजिक सद्भाव के प्रतीक हैं। इन पर्वों के अवसर पर आयोजित पूजा-पंडालों, मेलों, रावण-दहन कार्यक्रमों तथा सांस्कृतिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। ऐसे में उत्सव का वास्तविक आनंद तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित हो और पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो। कोसी डीआईजी ने कहा कि सुरक्षा की पहली शर्त सतर्कता और अनुशासन है। पूजा-पंडालों एवं मेला स्थलों पर प्रवेश और निकास के रास्ते स्पष्ट तथा बाधारहित होने चाहिए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर धक्का-मुक्की से बचें और प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें। बच्चों को अकेला न छोड़ें तथा उनके पास अभिभावक...