सहरसा, अक्टूबर 8 -- Saharsa News: कहरा, एक संवाददाता। देवना के वाणेश्वर नाथ स्थान परिसर स्थित वनदेवी स्थान की सिद्ध पीठ के रूप में मान्यता है। धर्मूला नदी के तट से करीब पौने किमी पूरब स्थित द्वापर युग की इस आध्यात्मिक स्थल में शिव एवं शक्ति दोनों का साक्षात् वास रहने के कारण क्षेत्र में तंत्र साधना का मुख्य स्थल रहा है। स्थानीय पुजारी देवानन्द झा के अनुसार आश्विन माह के नवरात्र में तंत्र सिद्धि के लिए साधक यहां आते रहते हैं। वन देवी का वर्णन देवी पुराण में भी है। इस आध्यात्मिक स्थल की ख्याती दूर दूर तक रहने के कारण यहां सालों भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। लेकिन आश्विन माह के नवरात्र में काफी दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पूजा अर्चना के लिए आते हैं। श्रीकृष्ण वाणासुर के संग्राम में अवतरित हुई थी आदि शक्ति माँ वनदेवी : बताया जाता है विष्...