सहारनपुर, अक्टूबर 6 -- Saharanpur News: देवबंद।तहसील क्षेत्र चंदेना कोली गांव में चल रही वैदिक रामायण कथा में तीसरे दिन कथावाचक आचार्य कुलदीप ने भगवान श्रीराम और उनके भाइयों की शिक्षा दीक्षा के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने श्रीराम के जीवन में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि श्रीराम और उनके सभी भाइयों ने महर्षि वशिष्ठ के गुरुकुल में प्रवेश लिया, जहां उनकी शिक्षा-दीक्षा आरंभ हुई। आचार्य कुलदीप ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को संस्कारवान बनाने के साथ-साथ उसे कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। बताया कि श्रीराम का जीवन आदर्श शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और मर्यादा का उदाहरण है। इस मौके पर अनुराग आर्य, सुनील, अनुज, राजेश आर्य, देवीदयाल आर्य, गौरव, रोहित और देवपाल आदि मौजूद रहे।

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