नई दिल्ली, अगस्त 6 -- अगर कोई व्यक्ति अपने बैंक खाते में Rs.1.33 करोड़ नकद जमा कर दे और साथ ही इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भी दाखिल न करे, तो आमतौर पर माना जाता है कि उसके खिलाफ आयकर विभाग की कार्रवाई तय है। लेकिन, मैसूर (कर्नाटक) के एक रिटायर्ड शिक्षक के मामले में कहानी बिल्कुल अलग निकली। आयकर विभाग ने नोटिस भेजा, दोबारा असेसमेंट किया और लाखों रुपये की आय जोड़ दी, लेकिन आखिर में बेंगलुरु आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) ने शिक्षक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए पूरी कार्रवाई को ही रद्द कर दिया। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि यह जीत किसी तकनीकी गलती की वजह से मिली, न कि इस आधार पर कि उनके खाते में जमा रकम सही थी या गलत। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। यह भी पढ़ें- पहले ही दिन हर शेयर पर 199 रुपये का फायदा, 600 रुपये के पार पहुंचा यह शेयर यह...