रामनारायण श्रीवास्ताव, अप्रैल 25 -- पश्चिम बंगाल के चुनावी शोर के बीच भाजपा ने अपने मिशन पंजाब का एक बड़ा मोर्चा फतह कर लिया है। आम आदमी पार्टी में हुए बड़े विभाजन के साथ भाजपा ने एक साथ दो मोर्चे साधे हैं। पहला, आम आदमी पार्टी को पंजाब के अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका देकर अपनी सियासी पिच मजबूत की है। वहीं, संसद में राज्यसभा में अपनी और एनडीए की ताकत को और बढ़ाया है। सात सांसदों के आने के बाद राज्यसभा में भाजपा की संख्या 113 हो जाएगी। भाजपा के केंद्रीय सत्ता में आने के बाद बेहद संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे पंजाब और पश्चिम बंगाल बेहद अहम रहे हैं। दोनों राज्यों में भाजपा कमजोर थी, ऐसे में उसे अपनी ताकत बढ़ाने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं और भाजपा वहां पर भी अपनी सरकार बन...