रुडकी, अक्टूबर 14 -- Roorki News: हिमनद झीलों से उत्पन्न ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (गोल्फ) के खतरों की निगरानी और चेतावनी जारी करने के लिए सीबीआरआई के वैज्ञानिकों ने चमोली जिले के वसुंधरा ताल में अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित कर बुधवार को टीम वापस लौटी। संस्थान के निदेशक प्रो. आर प्रदीप कुमार के साथ ही अन्य स्टाफ ने सभी का उत्साहवर्धन करते हुए स्वागत किया। इस दौरान टीम ने अपना अनुभव साझा किया। संस्थान के निदेशक ने दुर्गम उच्च हिमालीय क्षेत्र वसुंधरा ताल में करीब 16 हजार फीट की ऊंचाई पर जाकर सिस्टम लगाने वाली टीम की सराहना की। कहा कि इस टीम ने संस्थान का नाम ऊंचा किया है। देश का पहला स्वदेशी उपकरण वह भी काफी कम कीमत में लगाकर। इस चुनौतीपूर्ण कार्य में सहयोग के लिए सीबीआरआई ने आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्र...