रुडकी, अक्टूबर 25 -- Roorki News: कभी बासमती चावल की खुशबू से महकने वाला लक्सर का खादर क्षेत्र इन दिनों अक्टूबर में भी पड़ रही तेज धूप और उमस से परेशान है। धान की बालियों में दाना पकने और सुगंध विकसित होने के समय मौसम का बदला मिजाज किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस दौरान तापमान अधिक रहने से बासमती चावल की सुगंध प्रभावित हो सकती है। ऐसे में किसानों को उपज के साथ-साथ चावल की गुणवत्ता की चिंता भी सता रही है। हरिद्वार जनपद में बासमती धान की खेती लंबे समय से किसानों की आय का प्रमुख जरिया रही है। यहां पैदा होने वाले सुगंधित चावल की खाड़ी देशों समेत विदेशों में मांग रही है। निर्यात पर प्रतिबंध के कारण किसानों को पहले नुकसान उठाना पड़ा था। पिछले वर्ष निर्यात संबंधी रोक हटने के बाद किसानों ने दोबारा बासमती की खेती की ओर...