नई दिल्ली, अगस्त 4 -- Resham Fatma Success Story: कहते हैं कि अगर इंसान के हौसले बुलंद हों, तो जिंदगी की बड़ी से बड़ी दुखद घटना भी उसके सपनों की उड़ान को नहीं रोक सकती। इस बात को सच कर दिखाया है 29 वर्षीय रेशम फातिमा ने। रेशम भारत की पहली ऐसी एसिड अटैक सर्वाइवर बन गई हैं, जिन्हें ब्रिटिश सरकार की बेहद प्रतिष्ठित चेवनिंग स्कॉलरशिप के लिए चुना गया है। इस स्कॉलरशिप के तहत रेशम दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) से जेंडर, डेवलपमेंट एंड ग्लोबलाइजेशन में MSc करेंगी।2014 में झेला एसिड अटैक का दर्द रेशम फातिमा की यह सफलता महज एक डिग्री पाने की कहानी नहीं है, बल्कि अपनी जिंदगी को फिर से नए सिरे से गढ़ने की एक मिसाल है। साल 2014 में, जब रेशम 11वीं कक्षा में पढ़ रही थीं, तब लखनऊ में उनके रिश्ते...