नई दिल्ली, जून 22 -- हर साल लाखों बच्चे अपनी आंखों में एक कामयाब डॉक्टर बनने का सपना सजाए नीट का इम्तिहान देते हैं। इस बार री-नीट 2026 खत्म होने के बाद, अब वह वक्त आ गया है जब मेडिकल की तैयारी करने वाले ज्यादातर छात्र अपने आगे के सफर को लेकर माथापच्ची कर रहे हैं। हाल ही में नीट पेपर लीक की खबरों और उसके बाद उपजे विवादों ने छात्रों की रातों की नींद वैसे ही उड़ा रखी है। इस पूरे माहौल ने न सिर्फ परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाला है। यही वजह है कि विशेषज्ञ लगातार छात्रों को एग्जाम की घबराहट से दूर रहने और दिमाग को शांत रखने की सलाह दे रहे हैं। हर कोई जानता है कि भारत में एमबीबीएस या बीडीएस में एक सीट पक्की करने के लिए मेरिट लिस्ट के आसमान को छूना पड़ता है। मुकाबला बेहद कड़ा है औ...