नई दिल्ली, अप्रैल 6 -- भारतीय बैंकों के शेयरों में पिछले कुछ हफ्तों में भारी गिरावट आई है। करीब 95 अरब डॉलर की मार्केट वैल्यू कम हो चुकी है। अब आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में यह दबाव और बढ़ सकता है। आरबीआई रुपये को रिकॉर्ड निचले स्तर पर जाने से बचाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए उसने बाजार में डॉलर बेचकर रुपये को संभालने की कोशिश की है, लेकिन इस कदम से बैंकों के पास नकदी डालने की उनकी क्षमता कम हो गई है। पहले से ही वित्तीय हालात सख्त हुए हैं, जिसका सीधा असर बैंकों के मुनाफे पर पड़ेगा। वहीं, मिडिल ईस्ट में लंबे समय से चल रहे संघर्ष से भारत की कर्ज वसूली की रफ्तार धीमी हो सकती है, जिससे लोन ग्रोथ पर भी असर पड़ेगा। यह भी पढ़ें- पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आग, कई देश झुलसे, भारत पर क्यों नहीं आई कोई आंचविदेशी निवेशकों ने निकाले...