नई दिल्ली, जून 19 -- पुरी में भगवान जगन्नाथ का धाम केवल मुख्य मंदिर तक सीमित नहीं है। यहां से करीब तीन किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर है, जिसे भगवान की मौसी का घर कहा जाता है। रथ यात्रा के दौरान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा यहीं आकर सात दिन तक विश्राम करते हैं। रथ यात्रा के दौरान निभाई जाने वाली यह परंपरा भक्ति की गहराई और प्रेम को दर्शाती है।गुंडिचा मंदिर का धार्मिक महत्व गुंडिचा मंदिर पुरी के सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। मान्यता है कि यहां भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर आते हैं। इस मंदिर की स्थापना बहुत प्राचीन है और यह रथ यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। मान्यता है कि रथ यात्रा के दौरान गुंडिचा मंदिर में दर्शन करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। यहां का वातावरण शांत और दिव्य है, जो भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है।मौसी के घर की परंपर...