रांची, अगस्त 19 -- Ranchi News: रanchi, विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय (आरयू) के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग की ओर से मंगलवार को 'वर्तमान समय में प्रयोजनमूलक हिंदी की प्रासंगिकता' विषय पर एकल व्याख्यान हुआ। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ मनोज कुमार पांडेय मुख्य वक्ता थे। उन्होंने कहा कि हिंदी को सिर्फ साहित्य व भावाभिव्यक्ति तक सीमित रखने की बजाय उसे रोजगार, कार्यालयी कार्य, प्रशासन, तकनीक व व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ना समय की जरूरत है। बताया कि कार्यालय, बैंकिंग, प्रशासन, अनुवाद, मीडिया, जनसंपर्क आदि पेशेवर क्षेत्रों में प्रयुक्त हिंदी को प्रयोजनमूलक हिंदी कहा जाता है। इसके व्यवस्थित विकास की शुरुआत मुख्य रूप से 1970 के दशक में हुई।

हिंदी की तकनीकी दक्षता उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भाष...