रांची, नवम्बर 4 -- Ranchi News: रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने पत्नी पर क्रूरता और मानसिक बीमारी का आरोप लगाकर तलाक की मांग करने वाले पति की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय समाज में विवाह को बेहद सम्मानपूर्ण और पवित्र रिश्ता माना जाता है। वैवाहिक जीवन में आने वाली बीमारी, परेशानी और कठिनाइयों का सामना पति-पत्नी को मिलकर करना चाहिए। केवल सामान्य आरोपों या मानसिक बीमारी की आशंका के आधार पर विवाह समाप्त नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने माना कि पति पत्नी के खिलाफ न तो क्रूरता के आरोप साबित कर सका और न ही ऐसी मानसिक बीमारी का प्रमाण दे पाया, जो हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक का आधार बन सके। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने पति की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। पत...