रांची, अक्टूबर 30 -- Ranchi News: रांची, विशेष संवाददाता। आठ साल बीतने के बाद भी गुमला की लापता बच्ची का सुराग नहीं मिलने, पुलिस की जांच की रफ्तार और अधिकारियों की जवाबदेही पर झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने न सिर्फ अनुसंधानकर्ता की लापरवाही पर नाराजगी जताई, बल्कि वन मैन कमेटी की कार्यप्रणाली को भी कठघरे में खड़ा कर दिया। कोर्ट ने पूछा कि बच्ची की तलाश से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट समय पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) गुमला को नहीं भेजने की चूक पर कमेटी ने विचार क्यों नहीं किया और वर्ष 2018 से 2022 तक के तत्कालीन एसपी व अनुसंधानकर्ता को किस आधार पर क्लीन चिट दे दी गई। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से प्रार्थी के जवाब पर प्रतिउत्तर के साथ शपथ पत्र दाखिल किया गया। सरक...