रांची, अक्टूबर 27 -- Ranchi News: रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने और हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके प्राकृतिक आवास, चारागाह और पारंपरिक आवागमन मार्गों (कॉरिडोर) का विकास किया जाएगा। संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई दल (क्विक रिस्पांस टीम) को मजबूत करने और लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष कार्य योजना के तहत काम होगा। इसे लेकर मंगलवार को वन भवन स्थित राज्य मुख्यालय में प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह वन बल प्रमुख (हॉफ) संजीव कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की गई। यह भी पढ़ें- Dhanbad News: व्हाट्सएप ग्रुप से ग्रामीणों को जोड़ हाथि...