रांची, अक्टूबर 23 -- Ranchi News: रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड की पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (एनयूएसआरएल), रांची प्रयासरत है। अब विश्वविद्यालय पूर्वी सिंहभूम की पैटकर पेंटिंग और देवघर पेड़ा को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग दिलाने की प्रक्रिया में सहयोग कर रहा है। दोनों उत्पादों के लिए आवेदन दाखिल किए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय की बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) चेयर इनके संरक्षण और कानूनी पहचान से जुड़े कार्यों में जुटी है। पैटकर पेंटिंग के लिए 2020 में आवेदन

पैटकर पेंटिंग को जीआई पहचान पूर्वी सिंहभूम की पैटकर पेंटिंग झारखंड की पारंपरिक चित्रकला और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे जीआई टैग दिलाने के लिए 9 अक्तूबर 2020 को आवेदन संख्य...