रांची, अक्टूबर 26 -- Ranchi News: रांची, विशेष संवाददाता। पुलिस जांच में देरी या जांच सही तरीके से नहीं होने की शिकायत लेकर सीधे हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल करने के बजाय शिकायतकर्ता को पहले कानून में उपलब्ध वैकल्पिक उपायों का सहारा लेना चाहिए। झारखंड हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी शिकायतों के निवारण के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों और मजिस्ट्रेट की अदालत का रुख किया जा सकता है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। हालांकि, उसे कानून के अनुसार उचित मंच पर जाने की स्वतंत्रता दी गई है। मामले में साहिबगंज जिले के बरहरवा निवासी सुमन कुमार ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने राजमहल थाना में दर्ज मामले की निष्पक्ष औ...