रांची, सितम्बर 13 -- Ranchi News: रातू, प्रतिनिधि। पर्व और त्योहार ही हमारी संस्कृति की पहचान हैं और इन्हीं से हमारी आदिवासी सभ्यता आज भी जीवित है। करम पर्व भाई-बहनों के अटूट प्रेम और प्रकृति से जुड़ाव का पवित्र त्योहार है। हमें इसकी गरिमा बनाए रखने के साथ आने वाली पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति से जोड़ना चाहिए। यह बात लोहरदगा विधायक सह पूर्व वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने रविवार को रातू के सीएन राज हाई स्कूल मैदान में करमा महापर्व की पूर्व संध्या पर आयोजित करम पूर्व संध्या महोत्सव में कही। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम की शुरुआत महोत्सव का आयोजन यंग आदिवासी छात्र संघ, पड़हा समिति, पाहन संघ और पंचायत जनप्रतिनिधियों की ओर से संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रात...