रांची, जुलाई 31 -- Ranchi News: रांची, विशेष संवाददाता। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची में अंगदान जागरुकता पर शुक्रवार को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य अंगों की बढ़ती आवश्यकता और उनकी उपलब्धता के बीच की खाई को कम करने के लिए समाज में जागरुकता फैलाना था। यह संगोष्ठी राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के- दिल धड़कने दो, अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ सल्विया शाक्ति- परामर्शदाता, रिम्स, रांची थीं। डॉ साल्विया ने कहा कि एक अंगदाता मृत्यु के बाद अधिकतम आठ लोगों को नया जीवन प्रदान कर सकता है। उन्होंने अंगदान से जुड़े सामाजिक व धार्मिक भ्रमों को दूर करते हुए बताया कि यह एक मानवीय और जीवनदायी कार्य है। यह भी पढ़ें- रांची विश्वविद्यालय: गोल्ड मेडल सूची पर आपत्ति...