रांची, अक्टूबर 24 -- Ranchi News: रांची, विशेष संवाददाता। दुर्गा पूजा के समापन के बाद बंग समुदाय रविवार को शरद पूर्णिमा पर पारंपरिक कोजागिरी लोक्खी पूजा करेगा। बंगाल की इस प्राचीन परंपरा में मां दुर्गा की विदाई के बाद धन-धान्य और समृद्धि की देवी लोक्खी (मां लक्ष्मी) का स्वागत किया जाता है। मान्यता है कि इस रात देवी लोक्खी पृथ्वी पर भ्रमण कर पूछती हैं- को जागर्ति? (कौन जाग रहा है?) और जो श्रद्धापूर्वक जागरण कर उनकी आराधना करते हैं, उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। दुर्गाबाड़ी मंदिर में रविवार को शाम 6:30 बजे से विधि-विधान के साथ लोक्खी पूजा शुरू होगी। पुरोहित चयन राय पूजा संपन्न कराएंगे। मां लोक्खी को पायस, नारियल के लड्डू, फल, मखाना और मिठाइयों का भोग अर्पित किया जाएगा। सोमवार को शरद पूर्णिमा की पूजा के बाद मां लोक्खी की प्रतिमा क...