रांची, अक्टूबर 14 -- Ranchi News: इटकी, प्रतिनिधि। जनश्रुति पर विश्वास करें तो इटकी में दुर्गोत्सव का इतिहास सदियों पुराना है। यहां करीब ढाई सौ वर्षों से भी अधिक समय से जमींदार के वंशज दुर्गापूजा का आयोजन करते आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इटकी के पूर्व जमींदार एनी नाथ साय ने 18वीं सदी के प्रारंभ में दुर्गापूजा की शुरुआत की थी। इसके बाद से उनके वंशज इस धार्मिक परंपरा का श्रद्धा और उल्लास के साथ निर्वहन कर रहे हैं। जमींदार के वंशजों में पांचवीं पीढ़ी के लाल रामेश्वर नाथ शाहदेव के अनुसार, इटकी में दुर्गापूजा की परंपरा मां भवानी के वरदान से मिली पूर्वजों की विरासत है। मान्यता है कि एनी नाथ साय को विवाह के कई वर्षों बाद भी पुत्र की प्राप्ति नहीं हुई थी। तब उन्होंने मां भवानी की आराधना कर पुत्र प्राप्ति की मन्नत मांगी थी। मनोकामना पूरी होने पर...