रांची, जुलाई 10 -- Ranchi News: रांची, विशेष संवाददाता। दो दशक से संविदा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत काम कर रहे कर्मचारियों के हक में झारखंड हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद को 20 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि नियमित पद उपलब्ध नहीं हैं तो कर्मचारियों के समायोजन के लिए अधिसंख्य (सुपरन्यूमेरेरी) पद सृजित किए जाएं। अदालत ने कहा कि आउटसोर्सिंग की आड़ में कर्मचारियों को वर्षों तक उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने कर्मचारियों की पूर्व सेवा अवधि को सेवा निरंतरता और सेवानिवृत्ति लाभों के लिए जोड़ने का भी निर्देश दिया। यह भी पढ़ें- टीजीटी शिक्षकों को समान वरीयता और वेतन देने का आदेश जस्टिस दीपक रोशन की अदालत न...