रांची, अक्टूबर 15 -- Ranchi News: बेड़ो, प्रतिनिधि। श्री श्री दुर्गा पूजा महासमिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन बुधवार को श्रीराम-सीता विवाह का मनमोहक प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा वाचिका सुश्री पार्वती देवी ने धनुष भंग के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि धनुष अहंकार का प्रतीक है और अहंकार को तोड़ना भगवान का सहज स्वभाव है। अहंकार के नाश के लिए गुरु कृपा का होना आवश्यक है। जब तक जीवन में अभिमान रहेगा, तब तक भगवान की प्राप्ति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान ने स्वयं अवतार लेकर गुरु महिमा का दर्शन कराया। यह भी पढ़ें- Ranchi News: बेड़ो में ताड़का वध और अहिल्या उद्धार के प्रसंगों ने भक्तों को किया मंत्रमुग्ध बिना गुरु कृपा के ज्ञान की प्राप्ति भी संभव नहीं है। कथा के दौरान ग...