रांची, अक्टूबर 13 -- Ranchi News: रांची, संवाददाता। हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकारी अधिकारियों की गलती के कारण किसी कर्मचारी की प्रोन्नति में देरी होने पर उसे वित्तीय लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने प्रार्थी मनोज सिंह को 1 अक्तूबर 2012 से सहायक अनुभाग पदाधिकारी के पद पर वास्तविक वित्तीय लाभ देने का निर्देश दिया है। साथ ही, अनुभाग पदाधिकारी के पद पर उनकी प्रोन्नति की तिथि 24 सितंबर 2025 के बजाय 4 दिसंबर 2020 करने के लिए संशोधन अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है। मनोज सिंह 1997 में लिपिकीय संवर्ग में नियुक्त हुए थे। वर्ष 2012 में पात्र होने के बावजूद वरीयता सूची में नाम छूटने से उन्हें समय पर प्रोन्नति नहीं मिली, जबकि उनके कनिष्ठ कर्मियों को लाभ मिल गया था। यह भी पढ़ें- Ranchi News: सचिवालय सेवा के पद...