रांची, अगस्त 21 -- Ranchi News: सिल्ली, प्रतिनिधि। झारखंड-बंगाल सीमावर्ती क्षेत्र के झालदा हेसाहातू गांव निवासी 47 वर्षीय अशोक कुमार दत्ता गुरुवार रात भोजन करने के बाद मच्छरों से बचने के लिए मोटीन अगरबत्ती जलाकर परिवार के साथ एक कमरे में सो गए। देर रात बंद कमरे में अगरबत्ती के धुएं के कारण अशोक कुमार उनकी पत्नी 42 वर्षीय लखी उर्फ लक्ष्मी देवी, 14 वर्षीय पुत्री ब्यूटी दत्ता एवं 12 वर्षीय पुत्र महावीर दत्ता की तबीयत बिगड़ गई। चारों बेहोशी की हालत में पहुंच गए। परिजनों ने आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए मुरी स्थित सिंहपुर नर्सिंग होम में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। नर्सिंग होम के संचालक डॉ रमनेश प्रसाद ने बताया कि बंद कमरे में मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती या कॉइल जलाकर सोना खतरनाक हो सकता है। इससे कमरे में ऑक्सीजन की कमी होने के साथ ...