रामपुर, जुलाई 5 -- Rampur News: बिलासपुर। मुहल्ला साहूकारा स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में चल रहे सप्त दिवसीय रामचरितमानस प्रवचन के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने प्रभु श्री राम के शील गुण की संगीतमय व्याख्या की। उन्होंने कहा कि अपने गुरुजनों या बड़ों के द्वारा विपरीत व्यवहार करने पर भी जिसके हृदय में उनके प्रति कोई दुर्भाव नहीं जागता वही शील कहलाता है। यही मानवता का सर्वोच्च गुण है जो प्रभु राम के जीवन में पग-पग पर दिखाई देता है। कथा व्यास ने उदाहरण देते हुए कहा कि माता कैकेयी ने प्रभु राम को राजतिलक के स्थान पर वनवास दे दिया, लेकिन राम ने उन्हें सदैव माता कौशल्या से भी अधिक सम्मान दिया। महाराज दशरथ ने राम को राज्य देने का वचन देकर वन भेज दिया, पर राम के मन में पिता के प्रति कभी अनादर का भाव नहीं आया। ...