रायबरेली, अक्टूबर 12 -- Raebareli News: रायबरेली संवाददाता। 980 सामुदायिक शौचालयों के संचालन पर प्रतिमाह 58 लाख रुपये मानदेय और 29 लाख रुपये सफाई के रूप में खर्च तो हो रहे पर उपयोग नहीं हो रहा है। अस्सी प्रतिशत शौचालय तो ऐसे हैं जिनमें आज तक कोई गया ही नहीं। बीस प्रतिशत शौचालय ऐसे है जो खुलते तो हैं लेकिन उपयोग कुछ का ही होता है। खास बात यह है कि इनके खुलने व बंद होने की कोई जानकारी पंचायत राज विभाग को भी नहीं दी जाती है। यह सब खेल ग्राम पंचायत स्तर पर खेला जाता है। हाल यह है कि कुछ तो बिना उपयोग के ही जीर्णीर्शीण हो गए है। किसी की टोटी टूटी तो किसी की सीट ही टूट गयी है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत जनपद में 980 सामुदायिक शौचालय बनवाए गए। उम्मीद थी कि इनके संचालनके बाद खुले में शौच पूरी तरह से बंद हो जाएगा। इसके लिए सरकार ने इनके संचालन की ज...