नई दिल्ली, अगस्त 28 -- भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि जगत की देवी श्री राधा रानी को समर्पित है। शास्त्रों की मानें तो भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर श्री राधा रानी अवतरित हुई थीं। इसके लिए हर साल भाद्रपद महीने में राधा अष्टमी मनाई जाती है। पुराणों में एक श्लोक मिलता है राधा पूज्या च कृष्णस्य तत्पूज्यो भगवान् प्रभु:। परस्पराभीष्टदेवो भेदकृन्नरक॑ ब्रजेतू॥ -राधा श्रीकृष्णकी पूजनीया हैं और भगवान् श्रीकृष्ण राधाके पूजनीय हैं। वे दोनों एकदूसरेके इष्ट देवता हैं। उनमें भेदभाव नहीं करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि सिर्फ राधा रानी के महज नाम जप से व्यक्ति विशेष का उद्धार हो जाता है। इसलिए राधा अष्टमी के दिन श्रीजी और कृष्ण कन्हैया की पूजा करते हैं। इस दिन कुछ उपायों से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। राधाष्टमी पर राधा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.