नई दिल्ली, जुलाई 12 -- कई बार एक दिन हम पूरे जोश में सारे काम समय पर निपटा लेते हैं। लेकिन अगले ही दिन वही काम बोझ लगने लगता है। बिना किसी वजह के थकान, उदासी या मन का भटकना महसूस होने लगता है। ऐसे में हम खुद को आलसी या कमजोर समझने लगते हैं। लेकिन गौर गोपाल दास कहते हैं कि हर दिन एक जैसा महसूस करना संभव नहीं है। इंसान होना यही है कि हमारी ऊर्जा और मन की स्थिति समय के साथ बदलती रहती है।हर दिन एक जैसा महसूस ना होना बिल्कुल सामान्य है गौर गोपाल दास जी स्पष्ट रूप से कहते हैं कि कुछ दिन हम खुद को बहुत ऊर्जावान और एकाग्र महसूस करते हैं। वहीं कुछ दिन थकान, तनाव या भावनात्मक कमजोरी भी आ जाती है। इसका मतलब यह नहीं कि हम कमजोर हो गए हैं। यह जीवन का स्वाभाविक चक्र है। ठीक वैसे ही जैसे मौसम बदलता है, हमारी मानसिक स्थिति भी बदलती रहती है।खुद को दूसरों ...