नई दिल्ली, सितम्बर 6 -- जीवन में किसी भी रिश्तों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। अक्सर खुशियों के मौकों पर पूरी दुनिया सहभागी बन जाती है और उस दौरान हर कोई मुस्कुराकर साथ खड़ा दिखाई देता है। लेकिन जब जीवन में दुखों, असफलताओं और चुनौतियों का दौर शुरू होता है, तो चारों ओर निराशा का अंधेरा छाने लगता है। दुख के समय में साथ खड़ा रहने वाला इंसान ही सच्चा स्नेही होता है। जो व्यक्ति मुश्किल भरे हालात में भी बिना किसी स्वार्थ के आपका हाथ थामे रहता है, वही वास्तव में आपका अपना कहलाने का अधिकार रखता है।सच्चे रिश्ते की पहचान सुख में नहीं अच्छे समय में साथ चलना सहज होता है। सफलता, खुशी और सुविधा के दिनों में बहुत से लोग पास रहते हैं। जब परेशानी आती है, तब वही रिश्ते सच साबित होते हैं, जो बिना शर्त खड़े रहते हैं। सच्चा साथी वह नहीं जो केवल बातें सुन...