नई दिल्ली, मार्च 14 -- भगवद गीता को जीवन का मार्गदर्शक ग्रंथ माना जाता है। इसमें दी गई शिक्षाएं सिर्फ आध्यात्मिक जीवन के लिए ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा के रिश्तों के लिए भी बहुत उपयोगी हैं। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में रिश्तों में तनाव, गलतफहमी और अहंकार जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। ऐसे समय में गीता की सीख हमें रिश्तों को समझदारी और प्रेम के साथ निभाने का रास्ता दिखाती है। आइए जानते हैं गीता की कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बातें, जो शादी और रिश्तों को मजबूत बनाने में मदद कर सकती हैं।1. निस्वार्थ प्रेम करना सीखें (अध्याय 3, श्लोक 19) भगवद गीता में निष्काम कर्म की बात कही गई है, जिसका मतलब है बिना किसी स्वार्थ के अपना कर्तव्य करना। रिश्तों में भी यह बात बहुत जरूरी होती है। कई बार रिश्ते इसलिए कमजोर हो जाते हैं क्योंकि लोग हमेशा यह सोचते हैं कि उन्हें ...