नई दिल्ली, अगस्त 30 -- जिंदगी में कुछ फैसले ऐसे होते हैं, जिनका असर लंबे समय तक रहता है। करियर, रिश्ते या परिवार से जुड़ी दो राहों के बीच मन अक्सर उलझ जाता है। डर, भावनाएं और दूसरों की राय निर्णय को घेर लेती हैं। भगवद्गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को एक ऐसी बात कही, जो आज भी कठिन समय में काम आती है। उन्होंने ज्ञान दिया, लेकिन अंतिम फैसला अर्जुन पर ही छोड़ा। यही सीख हमें सोच-समझकर रास्ता चुनने का साहस देती है।ज्ञान दिया, निर्णय अर्जुन पर छोड़ा गीता के अठारहवें अध्याय में श्रीकृष्ण कहते हैं -इति ते ज्ञानमाख्यातं गुह्याद्गुह्यतरं मया।विमृश्यैतदशेषेण यथेच्छसि तथा कुरु॥ अर्थात मैंने तुम्हें यह अत्यंत गूढ़ ज्ञान समझा दिया है। अब तुम इस पर पूरे मन से विचार करो और फिर जैसा उचित समझो वैसा करो। इस श्लोक की खूबी यही है कि श्रीकृष्ण आदेश देकर अर्जुन क...