नई दिल्ली, मई 12 -- आज 12 मई 2026 की सुबह शांति और आत्म-चिंतन की है। सुबह का संदेश है कि बाहरी आग से नहीं, बल्कि अंदर की जलन से इंसान सबसे ज्यादा परेशान होता है। अगर हम अपनी जिंदगी में कुछ बातों का ध्यान रखें, तो बिना किसी बाहरी संघर्ष के भी सुखी और शांतिपूर्ण जीवन जी सकते हैं।चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य कहते हैं: 'कान्तावियोग स्वजनापमानो ऋणस्य शेषः कुनृपस्य सेवा। दरिद्रभावो विषया सभा च विनाग्निमेते प्रदहन्ति कायम्।।' इस श्लोक में चाणक्य जी पांच ऐसी बातों का जिक्र करते हैं जो बिना आग के ही इंसान को अंदर ही अंदर जला देती हैं।1. पत्नी से अलगाव (कान्तावियोग) आचार्य चाणक्य कहते हैं कि पति-पत्नी का अलग होना दोनों के लिए बहुत दर्दनाक होता है। प्रेम और विश्वास का बंधन टूटने पर व्यक्ति अंदर से टूट जाता है। यह जलन उसे चैन से जीने नहीं देती है। इ...