नई दिल्ली, मई 15 -- Quote of the Day: आज 15 मई 2026 की सुबह शांति और आत्म-निरीक्षण की है। इस सुबह का संदेश है कि बाहरी दुनिया से पहले हमें अपने मन पर विजय पाना सीखना चाहिए। चाणक्य नीति कहती है कि एक अस्थिर मन इंसान को ना तो संसार में सुख देता है और ना ही एकांत में। सच्ची खुशहाली मन की शांति से शुरू होती है।आचार्य चाणक्य अपनी नीति में जीवन की उन छोटी-छोटी गलतियों का जिक्र करते हैं जो बड़े-बड़े काम बिगाड़ देती हैं। उन्होंने एक श्लोक में बहुत गहरी बात कही है:अनवस्थितकायस्य ना जने ना वने सुखम्।जनो दहति संसर्गाद् वनं संगविवर्जनात्॥ इस श्लोक में चाणक्य जी एक बहुत महत्वपूर्ण सत्य बताते हैं - जिसका मन चंचल और अस्थिर है, उसे ना तो समाज में सुख मिलता है और ना ही एकांत में।चंचल मन क्यों बन जाता है दुश्मन? चाणक्य कहते हैं कि अस्थिर मन वाला व्यक्ति कह...