नई दिल्ली, अगस्त 23 -- सफलता की बात होते ही ज्यादातर लोगों के मन में पैसा, पद और नाम की तस्वीर आ जाती है। लेकिन स्वामी विवेकानंद सफलता को इससे कहीं गहरा मानते थे। उनके अनुसार, असली सफलता वह है, जो इंसान को अंदर से मजबूत बनाए। ऐसी ताकत, जो मुश्किल समय में संभलने का हौसला दे, डर के बावजूद कदम बढ़ाने की क्षमता दे और देर से मिलने वाले परिणामों के बावजूद मेहनत जारी रखने का साहस दे। आज के समय में यह सीख और भी ज्यादा जरूरी लगती है।सफलता सिर्फ पैसा और नाम नहीं पैसा और प्रसिद्धि उपलब्धियां हो सकती हैं, लेकिन मन की मजबूती की गारंटी नहीं। सब कुछ होने के बावजूद अगर आत्मविश्वास कमजोर है, तो छोटी-सी ठोकर भी व्यक्ति को तोड़ सकती है। मजबूत मन वाला इंसान कठिन परिस्थितियों में भी खुद को संभाल लेता है। इसलिए सफलता का मतलब सिर्फ यह नहीं कि आपने कितना कमाया य...