नई दिल्ली, मई 9 -- Aaj Ka Suvichar: आचार्य चाणक्य की बातें आज भी प्रसांगिक है। उन्होंने रिश्तों, व्यवहार और सफलता के नियमों को आसान और व्यावहारिक तरीसे से समझाया है। माना जाता है कि जो व्यक्ति इन बातों को अपने जीवन में अपनाता है, उसके लिए सफलता की राह सरल हो जाती है। नीचे ऐसे ही कुछ श्लोक दिए गए हैं, जो जीवन की परेशानियों से बचने में मदद करते हैं।श्लोक 1 जन्ममृत्युं हि यात्येको भुनक्त्येकं शुभाशुभम्।नरकेषु पतत्येक एको याति परां गतिम् ॥ अर्थ- आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य अकेला ही जन्म लेता है और अकेला ही मृत्यु को प्राप्त होता है। वह अपने किए हुए अच्छे और बुरे कर्मों का फल भी अकेले ही भोगता है। वही अकेला नरक में जाता है और वही अकेला मोक्ष को भी प्राप्त करता है। यह भी पढ़ें- Quote of the Day: पैसों की कमी और कर्ज के जंजाल में फंसे रहते ...