नई दिल्ली, मई 19 -- 19 मई 2026 का दिन हमें सिखाता है कि सच्ची दोस्ती चुनने से पहले इंसान को अच्छी तरह परख लेना चाहिए। आज का सुविचार हमें याद दिलाता है कि हर चमकती चीज सोना नहीं होती, ठीक उसी तरह हर मुस्कुराहट दोस्ती का सबूत नहीं होती है। चाणक्य नीति में एक बहुत महत्वपूर्ण श्लोक है:'यथा चतुर्भिः कनकं परीक्ष्यते निघर्षणच्छेदनतापताडनैः।तथा चतुर्भिः पुरुषः परीक्ष्यते त्यागेन शीलेन गुणेन कर्मणा॥ इसका अर्थ है - जिस प्रकार सोने को घिसकर, काटकर, आग में तपाकर और पीटकर परखा जाता है, उसी प्रकार मनुष्य की परीक्षा उसके त्याग, आचरण, गुण और कर्म से की जाती है। चाणक्य जी हमें सिखाते हैं कि दोस्ती में धोखा खाने से बचने के लिए व्यक्ति को इन चार आधारों पर परखना चाहिए।त्याग को परखें आचार्य चाणक्य कहते हैं कि सच्चे इंसान को उसके त्याग से पहचाना जा सकता है। जो...