नई दिल्ली, जुलाई 17 -- हर इंसान खुश रहना चाहता है, लेकिन छोटी-छोटी बातें उसे बार-बार दुखी कर देती हैं। नीम करोली बाबा कहते हैं कि ज्यादातर दुखों की जड़ के पीछे एक आदत है - अत्यधिक मोह या लगाव। जब हम किसी व्यक्ति, वस्तु या परिस्थिति से जरूरत से ज्यादा जुड़ जाते हैं, तभी मन बेचैन होने लगता है। बाबा के अनुसार, सच्ची शांति तब मिलती है जब हम लगाव को कम करके स्वीकार्यता और प्रेम को अपनाते हैं।मोह दुख का सबसे बड़ा कारण नीम करोली बाबा मानते थे कि मोह इंसान को कमजोर बनाता है। जब हम किसी रिश्ते, पद, धन या स्वास्थ्य से इतना चिपक जाते हैं कि उसके बिना जीना मुश्किल लगने लगे, तब वही चीज दुख का कारण बन जाती है। बाबा कहते हैं कि जीवन में सब कुछ अस्थायी है। जो चीज आज है, कल नहीं भी हो सकती। अगर हम इस सत्य को स्वीकार नहीं करेंगे, तो हर बदलाव हमें तोड़ देगा...