नई दिल्ली, अगस्त 21 -- 'अगर कोई व्यक्ति आपको दुख पहुंचाए, तब भी उसे प्रेम दें। सबसे बड़ी सजा किसी को अपने दिल से निकाल देना है।' नीम करौली बाबा की यह बात सुनकर कई लोग चौंक जाते हैं, क्योंकि दिल दुखाने वाले को प्यार देना आसान नहीं होता है। लेकिन बाबा का यह संदेश मन की गहराई में उतरने वाली सीख है। जीवन में धोखा, अपमान या विश्वास टूटने पर गुस्सा आना स्वाभाविक है। फिर भी बाबा हमें याद दिलाते हैं कि नफरत पालकर हम खुद को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं।दिल दुखाने वाले के प्रति भी प्रेम क्यों? जब कोई हमें चोट पहुंचाता है, तो मन तुरंत उससे दूर होने या जवाब देने की सोचता है। गुस्सा और नफरत उस व्यक्ति को हमारे विचारों में बार-बार जगह दे देते हैं। नीम करौली बाबा कहते हैं कि दूसरे की गलती की वजह से अपने मन की शांति को नहीं खोना चाहिए। प्रेम का मतलब य...