नई दिल्ली, जून 9 -- आज 9 जून 2026 का सुविचार हमें याद दिलाता है कि सफलता किसी जादू या किस्मत से नहीं, बल्कि पूरी निष्ठा और समर्पण से मिलती है। चाणक्य नीति कहती है कि चाहे काम छोटा हो या बड़ा, उसे शेर की तरह पूरी ताकत से शुरू करना चाहिए। चाणक्य नीति के छठे अध्याय के सोलहवें श्लोक में आचार्य चाणक्य कहते हैं:प्रभूतं कार्यमपि वा तत्परः प्रकर्तुमिच्छति।सर्वारम्भेण तत्कार्यं सिंहादेकं प्रचक्षते।। इसका अर्थ है - कोई भी कार्य, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, उसे शुरू करने वाला व्यक्ति शेर की तरह पूरी ताकत लगाकर करता है। चाणक्य जी शेर का उदाहरण देकर सफलता का फॉर्मूला बताते हैं।शेर की तरह काम शुरू करने का अर्थ आचार्य चाणक्य कहते हैं कि शेर जब शिकार पर निकलता है, तो वह आधे मन से नहीं जाता है। वह पूरी शक्ति, एकाग्रता और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ झपटता है। ठीक ...