नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- श्रीमद्भगवद्गीता हिंदू धर्म का सिर्फ धार्मिक ग्रंथ नहीं है बल्कि इसमें जिंदगी का वो सार छिपा हुआ है कि जिसे समझ लिया जाए तो सब आसान हो जाए। गीता में भगवान कृष्ण की बताई गई बातों को अगर सच में अपनी जिंदगी में उतार लिया जाए तो हम कई बातों को सोचकर अपना मन नहीं खराब करेंगे और हमें जिंदगी का असली उद्देश्य समझ आएगा। गीता के हर एक अध्याय और श्लोक में कुछ ऐसी बातें हैं जो इंसान को सही रास्ता दिखा सकती हैं। इन्हीं में से एक श्लोक हैं जोकि 16वें अध्याय में हैं। इस श्लोक के माध्यम से भगवान कृष्ण ने समझाया है कि नरक के तीन द्वार होते हैं। तो आइए इन तीनों द्वार के बारे में बारी-बारी से समझते हैं। श्रीमद्भगवद्गीता के 16वें अध्याय का 21वें श्लोक में नरक के तीन द्वार के बारे में बताया गया है। ये तीन द्वारा काम, क्रोध और लोभ है। ग...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.