नई दिल्ली, अगस्त 18 -- 18 अगस्त 2026 की सुबह एक नई सोच और शांति का संदेश लेकर आई है। आज का दिन कर्म पर ध्यान केंद्रित करने और धैर्य बनाए रखने का है। अगर जीवन की उलझनों से मन भारी है, तो श्रीमद्भगवद्गीता की ये सीखें राह दिखा सकती हैं। भगवान श्रीकृष्ण को केवल आराध्य नहीं बल्कि जीवन का मार्ग दिखाने वाले गुरु के रूप में देखा जाता है। उनकी शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। सफलता-असफलता, रिश्तों और कठिन परिस्थितियों में ये बातें व्यक्ति को संतुलित रखती हैं।परिणाम नहीं कर्म पर दें ध्यान श्रीकृष्ण की सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा है कि व्यक्ति को अपना कर्म पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ करना चाहिए। सफलता या असफलता हमेशा हमारे हाथ में नहीं होती। लेकिन मेहनत कितनी करनी है, काम के प्रति कितने ईमानदार रहना है और अपना सर्वश्रेष्ठ कैसे देना है यह हमारे नि...